Pyara sa jabab kathin sawal

बर्तन से पूरी तरह पोंछ कर खाना खाने वाले एक बालक के दोस्त उसका रोज मज़ाक उडाते थे...एक ने उस बालक के दोस्त ने पूछा- "तुम रोजाना बर्तन में एक कण भी क्यों नही छोड़ते...?बालक ने बड़ा ही सुन्दर जवाब दिया...बालक बोला इसके 3 कारण है।1. यह मेरे पिता के प्रति आदर है, जो इस … Continue reading Pyara sa jabab kathin sawal

Rastya Pita Gandhi G ki maut ka Rahsya

क्या था गांधी वध का वास्तविक कारण ?क्या हुआ 30 जनवरी की रात्री को ... पुणे के ब्राह्मणों के साथ ? क्या था सावरकर और हिन्दू महासभा का चिन्तन ?क्या हुआ गोडसे के बाद नारायण राव आप्टे का .. कैसी नृशंस फांसी दी गयी उन्हें lयह लेख पढने के बाद कृपया बताएं कैसे उतारेगा भारतीय … Continue reading Rastya Pita Gandhi G ki maut ka Rahsya

Dubai High quality control panel discussion

🍁 दुबई !ऐसा राजतन्त्रजिसे हम लोकतान्त्रिक प्राणी तानाशाही कहते है।मैं भी तानाशाही में यकीन नही रखता था।लेकिन अगर देखें तो तानाशाही ने दुबई को जन्नत बना दिया।100 % रोजगार।विश्व की सबसे अच्छी कानून व्यवस्था।विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं , हर किसी के लिए।करप्शन फ्री देश।न्यूनतम रिश्वतखोरी।विश्वस्तर की हर सुविधा।न्यूनतम नशाखोरी।कानून तक हर किसी की पहुँच।बलात्कार … Continue reading Dubai High quality control panel discussion

Gabbar aur Sanbha

गब्बर : - अरे ओ सांभा कितने आदमी थे?सांभा : - अकेला ही थागब्बर : - और तुमसांभा : - सरदार, हम 10 थेगब्बर : - वो अकेला और तुम 10 फिर भी मार खाकर आ गएसांभा : - वो सब से अलग थागब्बर : - मुझे उसकी पहचान बताओसांभा  :- सरदार उसके गले में … Continue reading Gabbar aur Sanbha

Ek Shat kafi H

Takat Ek Dusre Ki hamesha*```एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा```**```8 रोने लगा```*...  *``` पूछा मुझे क्यों मारा```* ..?😎, *``` 9 बोला```*... ,*```मैं बड़ा हु इसीलए मारा```*..,*```सुनते ही 8 ने 7 को मारा```**```और 9 वाली बात दोहरा दी```*,*```7 ने 6 को```*..*```6 ने 5 को```*..*```5 ने 4 को```*..*```4 ने 3 को```*..*```3 ने 2 को```*..*```2 ने 1 को```*..,*```अब … Continue reading Ek Shat kafi H

Identity of Love

आज का इंसा .ये इंसा है केवल चमन देखता है,सरेराह बेपर्दा तन देखता है।हवस का पुजारी हुआ जा रहा है,कली में भी कमसिन बदन देखता है।जलालत की हद से गिरा इतना नीचे,कि मय्यत पे बेहतर कफन देखता है।भरी है दिमागों में क्या गंदगी सी,ना माँ-बाप,भाई-बहन देखता है।बुलंदी की ख्वाहिश में रिश्ते भुलाकर,मुकद्दर का अपने वजन … Continue reading Identity of Love